Monday, August 5, 2013

21 POINTS TO BE HAPPY


ONE;
Give people more than they expect and do it cheerfully.

TWO;
Marry a man/woman you love to talk to. As you get older, their conversational skills will be as important as any other.
...

THREE;
Don't believe all you hear, spend all you have or sleep all you want.

FOUR;
When you say, "I love you", mean it.

FIVE;
When you say, "I'm sorry", look the person in the eye.

SIX;
Be engaged at least six months before you get married.

SEVEN;
Believe in love at first sight.

EIGHT;
Never laugh at anyone's dreams. People who don't have dreams don't have much.

NINE;
Love deeply and passionately. You might get hurt but it's the only way to live life completely.

TEN;
In disagreements, fight fairly. Please No name calling.

ELEVEN;
Don't judge people by their relatives.

TWELVE;
Talk slowly but think quickly.

THIRTEEN;
When someone asks you a question you don't want to answer, smile and ask, "Why do you want to know?"

FOURTEEN;
Remember that great love and great achievements involve great risk.

FIFTEEN;
Say "bless you" when you hear someone sneeze.

SIXTEEN;
When you lose, don't lose the lesson.

SEVENTEEN;
Remember the three R's:
Respect for self;
Respect for others;
Responsibility for all your actions.

EIGHTEEN;
Don't let a little dispute injure a great friendship.

NINETEEN;
When you realize you've made a mistake, take immediate steps to correct it.

TWENTY;
Smile when picking up the phone. The caller will hear it in your voice.

TWENTY ONE;
Spend some time alone.

Friday, August 2, 2013

UNDEFINED ALIENS [PART-1]

एलियंस  का नाम सुनते ही दिमाग में एक अजीब सी इमेज आने लगती है, और मन कुछ अलग सोचने लगता है।  क्या वाकई में एलियंस हैं , या ये सिर्फ हमारा वहम है. क्या वाकई में दुसरे प्लेनेट से प्राणी कभी आये थे? जाने कितने सवाल मन में आने लगते हैं। बचपन से सुनता आ रहा हूँ  एलियंस के बारे में। बचपन से ही बहुत कुछ जानने का मन था इस बारे में।  आज ऐसे ही खाली बैठा था।  एकदम से मेरी नज़र भगवान की  फोटो पर पड़ी।  और जाने कितने सवाल मन में गुजने लगे। कभी कभी लगता है कि कोई हमें ऊपर से देख रहा है।  कभी कभी लगता है हम आख़िरकार आये कहाँ से हैं।
क्या मैट्रिक्स मूवी की तरह हम भी इमेजिनरी वर्ल्ड में वास करते हैं? हम भगवान् को खुश  रखने के लिए उनकी पूजा करते हैं या एलियंस को खुश रखने के लिए उनकी पूजा करते हैं।  ऐसी बात नहीं है की मै  भगवान् को नही मानता। बल्कि मै तो शिव जी का बहुत बड़ा भक्त हु।  लेकिन कभी कभी जिंदगी में ऐसी ऐसी घटनाएं हो जाती हैं की हम ये सोचने पर मजबूर हो जाते हैं की हाँ वाकई में एलियन नाम की कोई चीज़ होती है। 
 अक्सर कोई घटना हमारे साथ  घटित होती है तो हमें ऐसा क्यों लगता है कि ये घटना पहले हो चुकी है या हमने इसे पहले कहीं देखा है, क्या ये सब हम पहले सपनो में देख चुके होते है।  या सिर्फ हमारा वहम है।  
क्या सुबह के सपने वाकई में सच होते हैं? ऐसी जाने कितने सवाल हमारे मन में उठते हैं और हम इसे इग्नोर कर देते हैं।  
मै कुछ वर्षो से इसी बारे में रिसर्च कर रहा हू।  और तलाश कर रहा हू एलियंस होने के प्रूफ की।
मुझे ऐसा लगता है एलियंस हम ही है पिछले कुछ वर्षो पहले अमेरिका में एक  एलियन का शव मिला था। 
जिसकी   व्याख्या वैज्ञानिको ने इस प्रकार की - 
१) एलियन के २ बड़ी बड़ी आँखें। 
२) २ हाथ , १ नाक , १ मुह। 
३) और आदमी सा दिखने   वाला दुबला पतला  शरीर।  

ले , ये कैसी व्याख्या कर दी वैज्ञानिको ने. ये तो इंसानों जैसा लगता है। 
लेकिन यही ट्रुथ है।  मुझे लगता है भविष्य में हम भी कुछ इसी टाइप से लगने लगेंगे।  अगर हम टेक्नोलॉजी के इसी प्रकार गुलाम बने रह तो।
भविष्य में इंसान कुछ इसी तरह से लगने लगेगा।  क्या पता भविष्य में हम टाइम मशीन का आविष्कार कर ले और अपना past देखने के लिए फ्यूचर से भूतकाल में जाए और  न्यूटन , आइंस्टीन को स्टुडेंट्स को परेशान करने वाले फार्मूला बताये ताकि फ्यूचर में हम भी अपनी धरती के बारे में जान सके।
क्या हवाई जहाज़ का आविष्कार अपने आप हो गया ? क्या टीवी अपने आप बन गया। हम  ENGINEERS के लिए  सिर्फ  कैलकुलेटर  बनाना ही इतना कठिन लगता है  तो हवाई जहाज़ बनाना तो बहुत दूर की बात है।
क्या एलियंस ने WRIGHT BROTHERS को  हवाई जहाज़ बनाने का फार्मूला  दिया था।  मुझे समझ नहीं आ रहा उन्होंने हवाई जहाज़ इतनी आसानी से बना कैसे लिया।
टीवी तो हम डेली देखते हैं। इसमें यूज़ किये जाने वाले सिस्टम के बारे में J L BAIRD को कैसे पता चला ? क्या एलियंस ने आकर  उन्हें बताया कि इस तरह टेलीविज़न बनेगा ?
सवाल तो बहुत हैं जिसका कोई अंत नहीं है।
बाकी अगले ब्लॉग में पढ़े।

To be continued . . .


 - दिव्यांशु बरनवाल




CORONAVIRUS

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